जिंदगी में मिले धोखे और झूट सब मिट्टी में मिल जाएंगे।रहेगा तो बस हमारा ईश्वर से संपर्क।इसलिए इस संपर्क को मजबूत बनाइए।
श्री-कृष्णा-संसार
Friday, 7 August 2020
एक गहरी नींद।
मरने के बाद तो सोना ही है।क्यों ना उठा जाए।आंखे खोली जाए। निंदा और परेशानी मृत्यु के साथ चली जाएगी।तब ना शरीर काम का रहेगा ना लोगो की कड़वी बाते। जीवन रहते,जीवन के लिए अर्पित रहे।जीवन चाहे एक चीटी का हो या एक मनुष्य का। सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।दूसरो की पीढ़ा कम करना ही हमारा लक्ष्य है।
Wednesday, 6 May 2020
चांद से की है दोस्ती।
सारी यादाश्त खो जाए लेकिन कृष्णा को ना भूलू। ये बारिश ,ये चमकीली बूंदे, ये हरियाली, ये नादिया सब तेरी और लेे जाए।
मीठा ,नमकीन ,खट्टा ,तीखा सब बेस्वाद सा लगे तेरे बिना।
चांद से कर लू दोस्ती,रोज़ रात को तारे संग तुझे ढूंढू।
क्या मिलेगा कभी तू,क्या दिखेगा कभी तू। पता नहीं।
ये खयाल है खोया सा।
जो एक बार तुझे देख लिया,फिर हर जगह देखा पर तेरे जैसा नहीं मिला।
फूलों की खुशबू सी,मीठे शहद सी।
ये कैसा जीना मरना जिसमें सफर में संग ही तू ना हो।
असली मज़ा तो खामोशियों में है,वो रात की मेहकी फिजाओं में है जब तुझे हम याद करे।जब हम तेरे आत्मदर्शन करे।
Friday, 1 May 2020
मंज़िल है श्री कृष्णा।
पग पग पर मिले तेरा साथ।सारे रास्ते तेरी ओर मिले।मंज़िल की परवाह किसे जब इतनी खूबसूरत राहे हो।
श्री कृष्णा के नाम में ही प्रेम है इतना कि पूरा संसार कम पड़ जाए।किस्मत,भाग्य ये तो कमजोर लोगो के लिए है।
असली जंग तो ज़िन्दगी के बाद की है।जब आपके पास कुछ ना हो,ना लोग,ना घर,ना धन, ना दुनिया। कहा भटकोगे अकेले। तालाश तो भगवान की ही करोगे।
आंखे बंद करे।ये गहरी सांसे जो आपके दिल तक जाती है,इन्हे महसूस करे।सारे दुख सुख भुला के ईश्वर को देखे।
Friday, 17 April 2020
काले बादल
श्री गणेशायनमः।
जब काले बादल थे छाए।जब बेलागाम हुई दुखो की वर्षा।जब अन्याय से थक चुका था शरीर।जब रातो के सन्नाटे आंसुओं को सुनते।
तब आए दिल को शांत कराने इस ब्रम्हाण के प्रभु श्री कृष्ण। वाह,क्या मुस्कान है उनकी,जैसे सारे कठोर दर्द पानी की तरह निर्मल हो गए।एक सुबह नई हुई,मै भटकते रास्तों को छोड़ आई।हर सांस के लिए आभार व्यक्त करना सीखा।
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